हिंदी विभाग



हिंदी राष्ट्रभाषा, राजभाषा और संपर्क भाषा के रूप में स्थापित है।  हिंदी का अंतर्राष्ट्रीय फलक भी बहुत व्यापक है। भूमंडलीकरण के दौर में हिंदी अपनी शक्तियों और चुनौतियों के साथ सशक्त भाषा बनकर उभरी है । आज हिंदी भाषा के क्षेत्र मे रोज़गार के अनेक अवसर उपलभ है। हिंदी भाषा के अध्ययन के पश्चात् विद्यार्थी भविष्य में अपनी सृजनात्मक प्रतिभा के विकास के साथ-साथ शिक्षण, मीडिया, अनुवाद, रंगमंच, भाषा-दक्षता, दुभाषिया, पटकथा-लेखन, विज्ञापन-लेखन, जनसंपर्क अधिकारी आदि अनेक क्षेत्रों में करियर बना सकते है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय 26 प्रश्नपत्रों का एक पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जिसमे 14 प्रश्नपत्र मुख्य है। 14 प्रश्नपत्र अंतर अनुशानात्मक है (जो हिंदी से इतर विद्यार्थी के लिए है )। 2 प्रश्नपत्र कौशल संवर्द्धक है तथा 4 प्रश्नपत्र के विषय ऐच्छिक होंगे। इसके अतिरिक हिंदी भाषा व संप्रेक्षण, पर्यावरण विज्ञान अनिवार्य रहेंगे।
हिंदी विद्यार्थी के बहुमुखी विकास व उनकी प्रतिभा को मंच देने के लिए हिंदी के “पराग” संस्था वर्ष भर में वाद-विवाद, अभिनय, कविता, लोकगीत, सद्य-लेखन, निबंध-प्रतियोगिताओं का आयोजन करती है। हिंदी की वाद-विवाद समिति “विचार” वर्ष भर विद्यार्थियों को वाद-विवाद के माध्यम से अभिव्यक्ति का मंच प्रदान करती है । हिंदी विभाग के सभी सदस्य अपने विषय में विशिष्ट योग्यता रखते है व छात्रों के सर्वागीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
विभागाध्यक्ष – डॉ. पूनम यादव
समय – 30 अप्रैल, 2021
सहित्यितिक संस्था “पराग” की अध्यक्ष – डॉ. संगीता गुप्ता 
एड ऑन कोर्स – हिंदी अनुवाद

आयोजन : हिंदी महोत्सव
हिंदी विभाग की साहित्यिक संस्था ‘पराग’ द्वारा तीन दिवसीय हिंदी महोत्सव का आयोजन किया गया। 14  सितम्बर 2019, उत्घाटन सत्र का विषय “हिंदी का वैश्विक सन्दर्भ” रहा । जिसके मुख्य वक्ता प्रो. अनिल राय, हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय; डॉ. राजबीर सिंह, महाप्रबंधक, एन. एच. पी. सी., भारत सरकार रहे। मंच का संचालन डॉ. संगीता गुप्ता ने किया।  प्राचार्य स्वाति पाल, प्रो. अनिल राय,डॉ. राजबीर सिंह और हिंदी विभाग के सभी सदस्यों ने मिलकर दीप प्रज्वलित किया । 16 सितंबर, 2019, 'हिंदी महोत्सव' के दूसरे दिन सद्य लेखन प्रतियोगिता प्रातः 10-11 बजे का आयोजन किया,  जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेज के लगभग 50 छात्र - छात्राओं ने भाग लिया। इसके बाद प्रातः 11:30 बजे से कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसके निर्णायक मंडल में राजधानी कॉलेज के हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ. जसवीर सिंह, जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज की हिंदी विभाग की डॉ. संध्या गर्ग और रजनी बाला अनुरागी थी। 17 सितंबर, 2019, 'हिंदी महोत्सव' के तीसरे दिन निबंध लेखन प्रतियोगिता प्रातः 10-11 बजे का आयोजन किया,  जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेज के लगभग 50 छात्र- छात्राओं ने भाग लिया। इसके बाद प्रातः 12 बजे से लोकगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसके निर्णायक मंडल में आकाशवाणी से चंद्रावती शर्मा; जानकी देवी मेमोरियल कॉलेज की संगीत विभाग की  डॉ. प्रेरणा अरोड़ा और समाजशास्त्र विभाग से डॉ. राज लक्ष्मी थी। लोकगीत प्रतियोगिता में भी दिल्ली विश्वविद्यालय के लगभग 30-40 छात्र -छात्राओं ने भाग लिया।

हिंदी महोत्सव


 


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